समास – परिभाषा, भेद और उदाहरण- Samas In Hindi

समास(Compound) की परिभाषा, भेद और उदाहरण

दो या दो से अधिक स्वतन्त्र एवं सार्थक पदों के संक्षिप्तीकृत रूप को ‘समास’ कहते हैं। जैसे-शक्ति के अनुसार = यथाशक्ति, राजा का पुत्र = राजपुत्र, चार आनों का समूह = चवन्नी, पंक में जन्म होता है जिसका = पंकज, नीली गाय = नीलगाय आदि।

यहाँ यथाशक्ति, राजपुत्र, चवन्नी, पंकज तथा नीलगाय सामाजिक पद या समस्त पद कहलायेंगे तथा इनका समास का विग्रह किया हुआ रूप है-शक्ति के अनुसार, राजा का पुत्र, चार आनों का समूह, पंक में जन्म होता है जिसका तथा नीली गाय।

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समास के भेद

समास के मुख्य चार भेद माने गए हैं-

  1. अव्ययीभाव,
  2. तत्पुरुष,
  3. बहुव्रीहि,
  4. द्वन्द्व।

इनके अतिरिक्त कर्मधारय एवं द्विगु भी समास के भेद हैं लेकिन वास्तव में कर्मधारय एवं द्विगु को तत्पुरुष का ही भेद माना जाता है।

तत्पुरुष समास के मुख्य दो भेद होते हैं-

  1. व्यधिकरण तत्पुरुष, तथा
  2. समानाधिकरण तत्पुरुष।

इनमें व्यधिकरण तत्पुरुष ही तत्पुरुष समास है जिसमें समस्त पद समस्त पद के विग्रह करने पर प्रथम खण्ड एवं द्वितीय खण्ड में भिन्न-भिन्न विभक्तियाँ लगाई जाती हैं। जैसे

  • राजा का कुमार = राजकुमार।

यहाँ प्रथम पद में सम्बन्ध कारक है तथा षष्ठी विभक्ति है तथा दूसरे पद में कर्ता कारक की प्रथमा विभक्ति है।

समानाधिकरण तत्पुरुष समास में समस्त पद के विग्रह करने पर दोनों पदों में कर्ता कारक, प्रथमा विभक्ति ही रहती है, जैसे-रक्तकमल, पीतकमल, नीलकमल आदि। इसे कर्मधारय समास कहते हैं।

व्यधिकरण तत्पुरुष (तत्पुरुष) समास के छः भाग होते हैं-

  1. कर्म तत्पुरुष,
  2. करण तत्पुरुष,
  3. सम्प्रदान तत्पुरुष,.
  4. अपादान तत्पुरुष,
  5. सम्बन्ध तत्पुरुष,
  6. अधिकरण तत्पुरुष।

कक्षा-10 के पाठ्यक्रम में द्वन्द्व, द्विगु, कर्मधारय एवं बहुव्रीहि समास निर्धारित हैं, अतः इनका विस्तृत विवरण नीचे दिया जा रहा है।

कर्मधारय समास

समानाधिकरण तत्पुरुष समास को ही कर्मधारय समास कहा जाता है। इस समास में ‘विशेषण’ तथा ‘विशेष्य’ अथवा ‘उपमान’ एवं ‘उपमेय’ का संक्षिप्तीकृत रूप हो और विग्रह करने पर दोनों ही पदों में कर्ता कारक प्रथमा विभक्ति रहती है, उसे ‘कर्मधारय समास कहते हैं। जैसे-अन्धकूप = अन्धा कूप।

(अ) विशेषण-विशेष्य-इसमें पूर्वपद विशेषण तथा उत्तरपद विशेष्य होता है, यथा-

Samas(Compound)(समास) 1
Samas(Compound)(समास) 2
(ब)

(i) उपमेय-उपमान-इसमें पूर्वपद उपमेय होता है तथा उत्तरपद उपमान होता है। जैसे-
Samas(Compound)(समास) 3
(ii) उपमान-उपमेय-इसमें पूर्वपद उपमान तथा उत्तरपद उपमेय को बताया जाता है। जैसे-
Samas(Compound)(समास) 4
Samas(Compound)(समास) 5

द्वन्द्व समास

द्वन्द्व समास में दोनों ही पदों की प्रधानता होती है। इन दोनों पदों के बीच में ‘और’ शब्द का लोप होता है। जैसे-
Samas(Compound)(समास) 6
Samas(Compound)(समास) 7
Samas(Compound)(समास) 8
Samas(Compound)(समास) 9

द्विगु समास

जिस समास का पूर्वपद संख्यावाचक विशेषण होता है तथा वह समूह का बोध कराता है, उसे समास कहते हैं। इसे तत्पुरुष समास का ही उपभेद माना जाता है।
Samas(Compound)(समास) 10
Samas(Compound)(समास) 11
Samas(Compound)(समास) 12

बहुव्रीहि समास

जिस समास में न पूर्वपद प्रधान होता है न उत्तरपद बल्कि अन्य पद प्रधान होता है, उसे ‘बहुव्रीहि’ समास कहते हैं। जैसे-
Samas(Compound)(समास) 13
Samas(Compound)(समास) 14

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